मानव के स्वार्थ एवं क्रूर व्यवहार पशु-पक्षियों के नाश के कारण बन जाते हैं। स्वार्थ लाभ के लिए मनुष्य निरीह जानवरों कि निर्मम हत्या करता है ।
सहायक सामग्रियाँ : पशु-पक्षियों के प्रति अत्याचारों के दृश्य, स्लाइड ,चित्र या कहानी, शब्दकोश।
- `मानव नदी का दोहन ही नहीं प्रकृति के संपदा में निस्वार्थ सेवी पशु-पक्षियों पर भी अत्याचार करता है। वे प्यार के भूखे हैं। हम उन्हें अपनी स्वार्थता के का

